सुकन्या समृद्धि खाता क्या है?
यह एक बचत योजना है जो बालिका के माता पिता के लिए बनाई गई है । इस योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने जनवरी 2015 मै ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ ‘ अभियान के तहत किया था यह योजना माता पिता को अपनी बेटी की भविष्य की शिक्षा और विवाह के खर्चो के लिए बचत करने के लिए प्रोत्साहित करती है खाता किसी भी भारतीय डाकघर या वाणिज्यिक बैंकों की नामित शाखाओं में खोला जा सकता है
सुकन्या समृद्धि खाता कोन खोल सकता है
अभिभावक बच्ची के जन्म के तुरंत बाद से लेकर 10 साल की आयु तक खाता खोल सकते है एक बच्ची पर केवल एक खाता खोला जा सकता है माता पिता अपने प्रत्येक बच्ची पर दो खाते खोल सकते है। खाते को भारत में कहीं भी स्थानांतरित किया जा सकता है ।
आवश्यक दस्तावेज
- सुकन्या समृद्धि खाता खोलने का फ़ार्म
- बालिका का जन्म परमाण पत्र
- पहचान परमाण पत्र (RBI के KYC) दिशानिर्देशों के अनुसार
०निवास परमाण (RBI KE KYC) दिशानिर्देशों के अनुसार
सुकन्या समृद्धि खाता इतना ख़ास क्यो है
- खाताधारक को आकर्षक ब्याज दर मिलती है जिसे वित्त मंत्रालय समय समय पर विनियमित करता है
- एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 1000 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये का निवेश किया जा सकता है
- इस खाते को 18 वर्ष की आयु में उच्च शिक्षा के उदेश्यों के लिए 50% तक की राशि निकाली जा सकती है
यह खाता 21 वर्ष की आयु में परिपक्व हो जाता है यदि खाता बंद नहीं किया जाता है तो इस पर प्रचलित दर से ब्याज मिलता रहेगा यदि लड़की 18 वर्ष से अधिक आयु की विवाहित है तो सामान्य रूप से खाता बंद किया जा सकता है
फायदे
कर छूट: सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश आयकर अधिनियम,1961 की धारा 80 के अंतर्गत कर मुक्त है । निकासी सुविधा उच्च शिक्षा के लिए 18 वर्ष की आयु में खाते से 50% तक निकासी की जा सकती है